कलक्टर के आदेश हवा, अरथूना महोत्सव का आयोजन कल पर कागदी पिकअप में पसरी है जलकुंभी

बांसवाड़ा. जनजातीय जिले में नैसर्गिंग छटा का केन्द्र कागदी पिकअप वियर के हालात सुधरने के नाम नहीं ले रहे हैं। हद तो यह हो रही है कि कलक्टर के आदेशों की उन्हीं के अधीनस्थ नुमाइंदे हवा-हवाई कर रहे हैं। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका पिछले काफी समय से कागदी पिकअप की बदहाली व जलकुंभी की समस्या को उजागर रकता रहा है।

प्रदेश की नई सरकार ने यहां नए कलक्टर लगा दिए। कलक्टर ने भी कार्यभार संभालने के साथ ही दो जनवरी को सभी अधिकारियों की ली। इस दौरान कलक्टर आशीष गुप्ता ने विशेष ध्यान अरथूना महोत्सव के दौरान कागदी पिकअप वियर पर दिया था। उन्होंने दौरा करके भी कागदी पिकअप के सौन्दर्यकरण, जलकुम्भी हटाने, अनावश्यक पेड़-पौधों व खरपतवार को महोत्सव के शुरू होने से पहले तक हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन ये दिशा-निर्देश कागदी पिकअप से नहरों में बहते पानी के हिलोरों व हवा के संग घूमिल हो गए। उन्हीं के नुमाइंदे आदेश की अनदेखी कर गए, जिसका परिणाम है कि कलक्टर के आदेश के चार दिन बाद भी कागदी पिकअप के किनारों समेत चहुंंओर जलकुंभी फैली हुई है।

यह हो रहा कार्य
कागदी पिकअप पर इन दिनों अशोक स्तम्भ पर सफेदी का कार्य किया जा रहा है। जिससे अशोक स्तम्भ दमकने लगा है। करीब आधे दशक बाद अशोक स्तम्भ की कलक्टर आशीष गुप्ता की पहल पर सुध ली गई। कागदी पिकअप के किनारों पर मंदिर के सामने पेड़ों की छंगाई का कार्य शुरू किया गया है। पेड़ों की शाखाओं को काटने के बाद इन्हें कागदी की पाल पर ही खींच कर श्रमिकों की ओर से जल से दूर किया जा रहा है। यदि इसी गति से कागदी पर सौन्दर्यकरण का कार्य हुआ तो महीनों लग जाएंगे। अरथूना महोत्सव को लेकर लाइटिंग व्यवस्था अलग से की जा रही है। यहां पहले से कागदी की रैलिंग पर लगी रोड लाइटों की मरम्मत भी अभी शुरू नहीं हो सकी है।
मुख्य दरवाजा भी नहीं सजा
रतलाम रोड साई बाबा मंदिर के पास स्थित कागदी पिकपअ रैलिंग का मुख्य दरवाजा भी अभी पुराने हालातों में खड़ा है। इस पर भी सजावट व रंगरोगन शुरू नहीं हो सका है। अरथूना महोत्सव के शुरू होने में अब 1 दिन ही शेष हैं। अरथूना महोत्सव के तहत कागदी पिकअप पर आठ जनवरी को यहां कार्यक्रम भी होना है।

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Post Author: harshit_tailor