बांसवाड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नर्स और कम्पाउंडर के भरोसे मरीजों का उपचार, डॉक्टर रहते हैं गायब

जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में ढीलपोल और शाम की पारी में चिकित्सकों के नदारद रहने की शिकायतें मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई है और इसके बाद विभाग के अतिरिक्त निदेशक ने बांसवाड़ा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से रिपोर्ट मांग ली है। सीएमएचओ को भेजे गए पत्र में मुख्यमंत्री कार्यालय को भी पत्र भेजने का उल्लेख किया गया है।

सभी स्वास्थ्य केंद्र रडार पर
उक्त मामले में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही सभी पीएचसी पर कार्यरत चिकित्सकों के शाम की पारी में अनुपस्थित रहने की भी बात कही गई है, जिसकी जांच स्वयं सीएमएचओ को करनी है और तीन दिनों में वस्तुस्थिति और टिप्पणी के साथ जांच रिपोर्ट भेजने के लिए निर्देशित किया गया है।

जांच के निर्देश दिए हैं
सीएमएचओ एच एल ताबियार ने बताया कि थमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर शाम को चिकित्सकों की बजाय कम्पाउंर और नर्स के द्वारा जांच करने के संबंध में उच्चाधिकारियों का पत्र प्राप्त हुआ है। जांच के लिए सभी बीसीएमओ को निर्देशित कर दिया है। खुद भी जांच करूंगा। बुधवार को भी कुछ केंद्रों पर जांच की गई। रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजने का प्रयास किया जाएगा।

कम्पाउंडर, नर्स देते हैं दवा
गौरतलब है कि बांसवाड़ा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर शाम के समय चिकित्सक नदारद रहते हैं। चिकित्सकों के न होने की स्थिति में मरीजों का उपचार ड्यूटी पर तैनात नर्स और कम्पाउंडर्स करते हंै। उक्त मामले को लेकर विभाग को बागीदौर के ग्रामीण की ओर से शिकायत की गई है, जिसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट अतिरिक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं की ओर से सीएमएचओ से मांगी गई है।

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Post Author: harshit_tailor