मंगल से आरंभ नए साल के पहले पांच दिन ‘अमंगलकारी’, सडक़ हादसों में इस तरह गई दस लोगों की गई जान

बांसवाड़ा. नववर्ष 2019 का आरंभ ‘मंगल’वार से हुआ है, लेकिन पहले पांच दिन जिले के कई परिवारों के लिए ‘अमंगलकारी’ साबित हुए हैं। एक जनवरी से पांच जनवरी तक जिले में छोटे-बड़े 12 से अधिक हादसे हुए, जिनमें दस लोगों की जान चली गई है। वहीं कई लोग घायल भी हुए हैं। जिले में लगातार बढ़ते वाहनों की संख्या और यातायात नियमों की पालना नहीं होने से ओवरलोड और बेलगाम तेज रफ्तार दौड़ते वाहन लोगों पर ‘काल’ बनकर मंडरा रहे हैं। नए वर्ष में पहले छह दिनों में रविवार ही ऐसा रहा, जिसमें किसी को जान नहीं गंवानी पड़ी।

यह हुए हादसे

एक जनवरी: कलिंजरा थाना क्षेत्र के घाटिया गांव के समीप ट्रैक्टर की चपेट में आने से कालाखूंटा निवासी युवक दिनेश गरासिया की मौत हो गई।

दो जनवरी: सिंटेक्स मिल के सामने निजी बस की चपेट में आने से नीलमनगर निवासी मोहन पुत्र रामा गंभीर घायल हो गया। उपचर के दौरान उसकी मौत हो गई। आंबापुरा थाना क्षेत्र के पाड़ला चैकपोस्ट के समीप निजी बस ने सडक़ किनारे युवक देवचंद राणा को कुचल दिया। इसी दिन भूरीघाटी में मोटर साइकिल फिसलने से मंगला खराड़ी नामक युवक की जान गई।

तीन जनवरी: आंबपुरा थाना क्षेत्र के अन्नपुरा गांव में मोटर साइकिल फिसलने से पंकज कुमार नामक युवक की मौत हो गई। इसी दिन खमेरा थाने के समीप गति अवरोधक पर दुपहिया वाहन धीमा करने के दौरान ट्रोले ने दंपती बड़ोदिया निवासी गणपतलाल व उसकी पत्नी कांता देवी कलाल को कुचल दिया।

चार जनवरी: गढ़ी थाना क्षेत्र के वजवाना गांव में स्कूल के समीप मोटर साइकिल पर पीछे बैठा युवक वीरपाल जम्प आने पर नीचे गिरा। गंभीर घायल होने के बाद उसने दम तोड़ दिया।

पांच जनवरी: आंबापुरा थाना क्षेत्र के बारी-कटुम्बी रोड पर अज्ञात वाहन की चपेट में आने से चाचा हरीश मईड़ा और भतीजे मनोज मईड़ा की मौत हो गई।

राजस्व वसूली तक सीमित
हादसों की बढ़ती संख्या के पीछे वाहन चालकों की लापरवाही के साथ-साथ पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं होना भी है। दोनों विभाग सामान्य दिनों और वार्षिक सडक़ सुरक्षा सप्ताह में राजस्व वसूली तक सीमित रहते हैं। पुलिस में यातायात शाखा में पर्याप्त नफरी का भी टोटा है और कई बार रिजर्व पुलिस लाइन से जवानों को ड्यूटी पर लगाना पड़ता है। परिवहन विभाग की ओर से अप्रेल से नवम्बर माह तक कुल 1221 चालान बनाए गए हैं। 168 वाहनों के ओवरलोडिंग के तथा 43 वाहनों के क्षमता से अधिक सवारियां बिठाने के चालान बनाए हैं।

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Post Author: harshit_tailor